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मंगल दोष

महामृत्युंजय जाप

भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का जाप, स्वास्थ्य, सुरक्षा और दीर्घायु के लिए।

देवता:
भगवान शिव
स्थान:
श्री ब्रह्म गायत्री मंदिर, मारुति गंज, उज्जैन
Maha Mrityunjaya Jaap

इस पूजा के बारे में

महामृत्युंजय मंत्र ("ॐ त्र्यम्बकं यजामहे…") ऋग्वेद (मंडल 7, सूक्त 59) का भगवान शिव का मंत्र है। इसका जाप स्वास्थ्य, सुरक्षा और दीर्घायु के लिए किया जाता है।

परिवार बीमारी में, ऑपरेशन से पहले या भय के समय यह जाप करवाते हैं। पूछताछ भेजें, हमारी टीम आपको कॉल करके जानकारी देगी।

आपकी पूजा कहाँ होती है

श्री ब्रह्म गायत्री मंदिर, उज्जैन

श्री ब्रह्म शक्ति गायत्री सिद्ध पीठ, मारुति गंज, उज्जैन

यहाँ बुक की गई हर पूजा उज्जैन के श्री ब्रह्म गायत्री मंदिर के पंडितों द्वारा संपन्न की जाती है।

  • मंदिर में माँ त्रिपदा गायत्री की मूर्ति विराजमान है।
  • यहाँ का अखंड दीपक 1926 से निरंतर प्रज्वलित है।

मंदिर की वेबसाइट देखें ↗

गुरु परंपरा

  1. आचार्य पं. रामचंद्रजी शास्त्री (1911–1989), संस्थापक
  2. आचार्य पं. बुद्धि प्रकाश शास्त्री, वर्तमान पीठाधीश्वर

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Does the patient need to chant along?

No. Usually, the patient is too weak or stressed to chant. That is why our Brahmins perform the Maha Mrityunjaya Mantra Jaap on their behalf via Sankalp. The patient simply needs to rest and receive the healing vibes.

Can we perform this online?

Yes. Energy travels through the ether (Akasha Tattva). Through the Sankalp, the spiritual connection is instant. We have successfully performed this for clients in the USA, UK, Canada, and Australia.

How soon will we see improvement?

Miracles are in God's hands, but most families report a sense of calmness, stability in medical vitals, and a "turning of the tide" within the first 3 to 5 days of the Anushthan.

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